शॉपिंग नहीं अब रेंटल का है जमाना

0

rent,

    पहले के लोग जहां ज्यादातर चीजों को खरीदकर अपना बनाने में भरोसा करते थे, तो वहीं आज की जनरेशन रेंट पर काफी चीजों को लेकर काम चलाने में विश्वास करती है। मार्केट में तमाम कंपनियां मौजूद हैं जो आपको घर की जरूरत का सभी सामान खरीदने के बजाय रेंट पर लेने की सुविधा देते हैं। अच्छी क्वॉलिटी का फर्नीचर हो या डिजाइनर लहंगा, गाड़ी हो या जूलरी, अब घर की हर चीज लंबे समय के लिए किराए पर मिल रही है। खास बात यह है कि इस मार्केट का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। वेंचर कैपिटल फर्म एक्सेल पार्टनर्स के अनुसार, इस समय देश में फर्नीचर किराए पर लेने की इंडस्ट्री लगभग 80-85 करोड़ डॉलर की है, तो वहीं इलेक्ट्रॉनिक सामान की रेंटल मार्केट लगभग 50 करोड़ डॉलर की है। वहीं दोपहिया वाहनों की रेंटल मार्केट लगभग 30 करोड़ डॉलर की है। कुल मिलाकर देखें, तो यह मार्केट लगभग 150 करोड़ डॉलर की है जो कि अभी भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

किराए पर लेने से चेंज करने में दिक्कत नहीं

    देश में सबसे ज्यादा फर्नीचर को रेंट पर लिया जा रहा है। यह उन लोगों के लिए बेहद सुविधाजनक है जो कम समय के लिए एक स्थान पर रुकते हैं या बजट के चलते खरीद नहीं पाते। यही कारण है कि तमाम कंपनियां इन दिनों न सिर्फ फर्नीचर किराए पर दे रही हैं, बल्कि उन्हें रीलोकेट करने की सुविधा भी देती हैं। किराए का फर्नीचर की खोज कर रहीं प्रिया कहती हैं, ‘अगर आप फर्नीचर या काउच जैसी चीजों से जल्दी बोर हो जाते हैं और उन्हें वक्त के साथ बदलना चाहते हैं, तो फिर खरीदने की बजाय किराए पर लेना ही ज्यादा अच्छा होता है क्योंकि कुछ वक्त बाद जब आप उसे बदलना चाहते हैं, तो आपको इसमें पैसे की बर्बादी नहीं लगती। लेकिन अगर आप किसी चीज को लंबे समय तक अपने घर में रखना चाहते हैं, तो फिर आपको उसे खरीद ही लेना चाहिए।’

Share :
Share :
source: नवभारत टाइम्स.

Leave A Reply

Share :