मुंबई में बढ़ा घर का आकार, रियल इस्टेट डिवेलपरों ने कहा स्‍वागत है सरकार

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     केंद्र सरकार ने 2100 वर्ग फुट के घरों के लोन पर भी क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) सुविधा देने का निर्णय मंगलवार को लिया है। इस निर्णय से मध्यम वर्ग को घर का सपना पूरा करने में सहूलियत होगी। मुंबई के रियल इस्टेट डिवेलपरों ने इसका स्वागत किया है। माना जा रहा है कि यह फैसला महानगरों में रियल इस्टेट को मंदी की मार से राहत दिलाएगा।

     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक सभी को घर देने का वादा किया गया था। इसके तहत मध्य आयवर्ग के लिए लोन पर सब्सिडी को दो समूहों में विभाजित किया गया था। इसमें मध्य आयवर्ग-1 की वार्षिक आय 6 लाख से 12 लाख रुपये थी, जबकि 12 से 18 लाख रुपये की वार्षिक आय को एमआईजी-2 में रखा गया था। लेकिन इन समूहों के घरों का आकार निर्धारित किया गया था। इसमें एमआईजी-1 श्रेणी के लोगों को 120 वर्ग मीटर के घरों पर ही लोन की सुविधा थी, जबकि एमआईजी-2 की श्रेणी के लोग 150 वर्ग मीटर तक के घरों पर लोन सब्सिडी का लाभ ले सकते थे।

अब बड़े घरों पर लोन सब्सिडी

     केंद्र सरकार ने सीएलएसएस की सुविधा बड़े घरों के लोन पर भी पा सकने छूट दी। इसमें एमआईजी-1 श्रेणी के लोग अब 120 वर्ग मीटर के बजाय 160 वर्ग मीटर कार्पेट एरिया के घर पर लोन की सुविधा पा सकेंगे। ग्राहकों को 9 लाख रुपये तक के लोन पर 4 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी, वहीं एमआईजी-2 श्रेणी के ग्राहक 150 वर्ग मीटर के बजाय 200 वर्ग मीटर के घरों पर 12 लाख रुपये के लोन पर 3 प्रतिशत की सब्सिडी ले सकेंगे।

35,204 से अधिक लोगों ने लिया लाभ

       आवसन और शहरी कार्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पीएमएवाई योजना के अंतर्गत मध्यवर्ग में अब तक 35204 ग्राहकों ने सीएलएसएस का लाभ लिया है। इसके तहत 736 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

रियल इस्टेट में आएगी तेजी

     मुंबई जैसे महानगर में जहां पर रियल इस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और नोटबंदी जैसे निर्णयों से बाजार आर्थिक मंदी की मार झेल रहा है। ऐसे में यह निर्णय बाजार में तेजी लाएगा, यह बात डिवेलपरों ने कही है। नरेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने बताया कि इसका असर यह होगा कि महानगरों में लोग बड़े घरों के लिए जाएंगे, जिससे रियल इस्टेट बाजार में निवेश बढ़ेगा। साथ ही बड़े घरों के आकार पर लोन सुविधा देने से निर्माण कार्य में बढ़ोतरी होगी। नए यूनिट लॉन्च होंगे।

मध्यवर्ग की मांग ज्यादा

     सीईओ, सुमेर ग्रुप राहुल शाह ने बताया, ‘महानगरों में मध्यवर्ग की मांग ज्यादा है, इसलिए बड़े घरों पर लोन सब्सिडी देने निर्णय मुंबई जैसे महानगर में ग्राहकों और डिवेलपरों दोनों के लिए फायदेमंद होगा। मुंबई महानगर और एमएमआर में इसका फायदा अधिक देखने को मिलेगा। लाखों घर जो बनकर तैयार हैं, ‌‌उन्हें इस निर्णय से ग्राहक मिल सकेंगे।’

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source: नवभारत टाइम्स, मुंबई.

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