कोलाबा बनेगा मुंबई का पहला स्मार्ट क्षेत्र, ऊंचे टावर और हरे-भरे पार्क होंगे

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      दक्षिण मुंबई में समुद्र किनारे बसे कोलाबा को स्मार्ट क्षेत्र बनाने की तैयारी है। सरकार और निजी क्षेत्र से सहयोग से यह इलाका जल, थल और वायु परिवहन सेवा से जुड़ा होगा। 100-100 मंजिली गगनचुंबी इमारतें और हरे-भरे उद्यान यहां की शान बनेंगे। आने वाले कुछ साल में पूरे इलाके का नक्शा ही बदल जाएगा।

      कोलाबा को मेट्रो रेल से जोड़ने का काम तेज गति से चल रहा है। समुद्र के किनारे होने की वजह से यह जल मार्ग से भी जुड़ेगा। इस क्षेत्र में हेलिपैड बनाने का प्रस्ताव है, जिससे यह इलाका हवाई सेवा से भी जुड़ सकेगा। थल मार्ग, जल मार्ग और वायु मार्ग से जुड़ने वाला यह देश का पहला स्मार्ट क्षेत्र होगा। यहां के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे की नजर होगी। संपूर्ण परिसर पब्लिक वाई-फाई जोन में रहेगा। इसमें इकोफ्रेंडली ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस अत्याधुनिक कॉलोनी में ऊर्जा प्रबंधन भी किया जाएगा और परंपरागत ऊर्जा पर निर्भरता कम करने के लिए इमारतों की छत पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए जाएंगे। झोपड़पट्टी पुनर्वास योजना के तहत कोलाबा के इस बेल्ट में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

     कोलाबा के एक छोर पर आलिशान इमारतें हैं, तो दूसरे छोर पर झोपड़ें। यह एक लाख 13 हजार वर्ग मीटर में फैला हुआ है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर नगर, गणेशमूर्ति नगर एवं धोबीघाट जैसे झोपड़पट्टी बहुल क्षेत्र हैं, जहां 7,000 से ज्यादा झोपड़े हैं। नब्बे के दशक में सत्ता में आई शिवसेना-भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र को बदलने की कवायद की थी, लेकिन ज्यादा कुछ हासिल नहीं कर सकी। यह अपनी तरह का ऐसा पहला क्षेत्र होगा जहां झोपड़पट्टी क्षेत्र को विकसित कर स्मार्ट बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कागजी कार्रवाई लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस पूरे झोपड़पट्टी बेल्ट को विकसित करने के मिशन में उत्तर भारतीय उद्योगपति डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह कई सालों से लगे हुए थे। उन्हें शापूरजी पालनजी के रूप में एक विश्वस्तरीय विशेषज्ञ कंस्ट्रक्शन कंपनी का साथ मिल गया।

         राज्य के शहरी विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई का कोलाबा एक आदर्श स्मार्ट क्षेत्र बनेगा और इसकी सफलता के बाद मुंबई व आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बदलाव आएगा। यह ऐसा स्मार्ट क्षेत्र होगा जो सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग से बनेगा।

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source: नवभारत टाइम्स, मुंबई.

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