रेरा से पहले के सरकारी जमीन पर बने आवास ही होंगे नियमित

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    यूपी में सरकारी जमीनों पर बने आवासों का शमन (कंपाउंडिंग) नहीं हो सकेगा, जिनकी सेल डीड प्रदेश में रेरा ऐक्ट के प्रभावी होने के बाद हुई है। रेरा प्रभावी होने से पहले जिन संपत्तियों की सेल डीड हो चुकी है, उन्हें शमन शुल्क लेकर नियमित कर दिया जाएगा। इसके बाद वाली सम्पत्तियां शमन के योग्य नहीं होंगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने हुए शमन योजना-2018 के प्रेजेंटेशन में दी गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय क्षेत्र में हो चुके अवैध निर्माणों में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश किया गया है, जिससे अवैध निर्माणकर्ताओं और विकास प्राधिकरणों में विवाद बना रहता है। इस स्थिति का समाधान निकालना होगा। उन्होंने अफसरों से कहा कि अब वे ध्यान रखें कि कहीं पर भी अवैध कॉलोनियों का निर्माण न हो।

ये होंगे शमन के दायरे में

    – भूमि का सब-डिवीजन, जिसका क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर से अधिक हो या भवन (ग्रुप हाउसिंग भवनों को छोड़कर), जिसमें निर्मित अपार्टमेंट्स की संख्या-8 से अधिक हो, ऐसी सम्पत्तियों की सेल-डीड अगर रेरा लागू होने की तिथि यानी 1 मई-2016 से पहले की है, तो शमन के लिए पात्र होंगी।

इनका नहीं हो पाएगा शमन

    – सरकारी जमीनों पर बने आवास, कॉलोनियां, सड़क, रेलवे लाइन, पार्क, खुले स्थल, हरित पट्टी, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सब स्टेशन, बस टर्मिनल, महायोजना, जोनल प्लान में बनी जमीनों पर आवास का शमन नहीं होगा। इसके अलावा तालाब, जलाशय, नदी और नालों पर बने आवास भी शमन योग्य नहीं होंगे।

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source: नवभारत टाइम्स, लखनऊ.

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