रांचीः भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के खिलाफ 5 जुलाई को झारखंड बंद

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    विपक्ष पार्टियों ने 5 जुलाई को झारखंड बंद का ऐलान किया है। झारखंड बंद की घोषणा सरकार के नए भूमि अधिग्रहण बिल संशोधन के विरोध में की गई है। विपक्षी दलों ने कहा है कि इस बिल के विरोध में अब आर या पार की लड़ाई होगी।

     झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि 25 जून को हर ब्लॉक स्तर पर धरना दिया जाएगा। उसके बाद 28 जून को सभी पार्टियां मिलकर राजभवन के बाहर धरना देंगी। इस धरने में लगभग 50,000 लोगों के शामिल होगें। धरना देकर वे लोग राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मांग करेंगे कि वह नए भूमि अधिग्रहण बिल का वापस करें।

     उन्होंने कहा कि 28 जून के प्रदर्शन के बाद भी उन लोगों की मांग नहीं मानी गई तो 5 जुलाई को महाबंदी होगी। पूरे झारखंड में 24 घंटे के बंदी होगी हालांकि इमरजेंसी सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं डाला जाएगा।

     झारखंड सरकार में विपक्ष के नेता अपने कंके रोड स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि उन्होंने विपक्षी दलों के साथ बैठक की है। बैठक के बाद ही झारखंड बंद का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टियां आगे क्या करेंगी यह फैसला अब मुख्यमंत्री रघुबर दास के उठाए गए कदम पर निर्भर करेगा।

     उन्होंने कहा कि उन लोगों के सामने एक बड़ी चेतावनी है और उन लोगों को यह स्वीकार करना है। यह अब आर या पार की लड़ाई होगी। सोरेन ने कहा कि वे लोग राष्ट्रपति से मिले थे और उनसे भी इस बिल को पास न होने देने की प्रार्थना की थी। अगर जरूरत पड़ी तो वे लोग फिर राष्ट्रपति से मिलेंगे।

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source: नवभारत टाइम्स, झारखंड.

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