बिल्डर्स ने पहले जोड़े हाथ, नहीं माना प्रशासन तो किया विरोध पर मिली लाठियां

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    अवैध निर्माण के खिलाफ जीडीए की तरफ चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान के दूसरे चरण के पहले दिन सोमवार को केवल 14 अवैध निर्माण को ही ध्वस्त किया गया। जबकि लक्ष्य 32 अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का रखा गया था। कुछ जोन में पुलिस बल नहीं मिल पाने की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी। तो वहीं कुछ जगह पर विरोध प्रदर्शन तेज होने होने के कारण भी कार्रवाई देरी से शुरू हो सकी। इसी के कारण लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका। फिलहाल जीडीए अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण का अभियान लगातार जारी रहेगा।

जीडीए ऑफिस में बैठक के बाद 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई

   सोमवार की सुबह जीडीए ऑफिस खुलने के बाद ही प्रवर्तन प्रभारी अपने सुपरवाइजर और जेई के साथ बैठक करके करीब 11 बजे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए निकले। प्रवर्तन जोन-तीन के तहत आने वाले बालाजी एन्क्लेव में टीम जैसे ही कार्रवाई करने पहुंची तो वहां पर पहले पुलिस बल और जीडीए अधिकारियों के सामने बिल्डर्स ने कार्रवाई रोकने के लिए हाथ जोड़े। लेकिन जीडीए और पुलिस अधिकारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। फिर बिल्डर्स और उनके साथ मौजूद लोगों ने विरोध तेज कर दिया। हंगामा बढ़ता देख मौके पर पीएसी को बुलाया गया। साथ में एडीएम सिटी हिमांशु गौतम भी मौके पर पहुंचे। बिल्डर्स और एडीएम सिटी के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत चलती रही। बातचीत जब बहस का रूप ले ली तो एडीएम सिटी के निर्देश पर पीएसी और पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए बिल्डर्स और उनके दबंग साथियों को पीछे ढकेल दिया। इसके बाद करीब तीन बजे कार्रवाई फिर से शुरू हो सकी। दो घंटे तक चली कार्रवाई में बालाजी एन्क्लेव में दो अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। बालाजी एन्क्लेव में पिछले दिनों जीडीए की टीम ने करीब 45 अवैध निर्माण को सील किया था।

मीरपुर हिंदू में भी लोगों ने किया प्रदर्शन

     प्रवर्तन जोन-8 की टीम को भी मीरपुर हिंदू में अवैध निर्माण तोड़ने के दौरान विरोध-प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। लेकिन पुलिस बल के चलते विरोध को रोका गया। 70 बीघा में विकसित की गई ड्रीम सिटी नामक अवैध कॉलोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। 70 भूखंडों की बाउंड्री और 10 मकानों को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया।

दो जोन में नहीं हुई कार्रवाई

    जीडीए के प्रवर्तन जोन-1 और 4 में सोमवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन जोन पांच और चार विजयनगर थानाक्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इसलिए पुलिस बल नहीं मिल सका। वहीं प्रवर्तन जोन-1 और 5 का प्रभार एक ही अधिकारी के पास होने के कारण यहां पर भी कार्रवाई नहीं हो सकी।

दुहाई में जीडीए अधिकारियों को घेरा

    दुहाई में प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी अजय सिंह अपनी टीम के साथ कार्रवाई करने पहुंचे। यहां पर दो कॉलोनियों में दो अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाना था। लेकिन यहां पर बिल्डर्स और लोगों ने अफसरों को घेर कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस बल की मदद से अफसरों को इनके घेरे से बाहर निकाला गया। अजय सिंह ने बताया कि यहां पर 6 हजार वर्ग मीटर एरिया में बने पांच घर को ध्वस्त किया गया है। जबकि 10 हजार वर्ग मीटर एरिया में बने पांच भवन को तोड़ा गया है।

जनप्रतिनिधी भी कर चुके हैं विरोध

    जीडीए की ओर से अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे ध्वस्तीकरण महाअभियान के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने भी विरोध किया था। जिले के पांचों विधायक इसका विरोध कर चुके हैं। उनका तर्क है कि इमारतों को ध्वस्त करने से संपत्ति का नुकसान होगा। प्रशासन को यह देखना चाहिए कि इन निर्माण का सदुपयोग कैसे हो सकता है।

पहले चरण में गिराए जा चुकें हैं 27 अवैध निर्माण

    मिसलगढ़ी के आकाश नगर में निर्माणाधीन इमारत गिरने के बाद से जीडीए का अवैध निर्माण पर लगातार बुलडोजर चल रहा है। अभियान के पहले चरण (1 से 4 अगस्त) में 27 अवैध निर्माण गिराए गए थे। जबकि दूसरे चरण में करीब 500 अवैध निर्माण ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान बालाजी एन्क्लेव, आरकेपुरम, आकाश नगर, इंद्रगढ़ी, मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी, साहिबाबाद, इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी, नंदग्राम, स्वर्णजयंतीपुरम, गोविंदपुरम समेत विभिन्न एरिया में अभियान चलेगा।

   ध्वस्तीकरण का अभियान प्लान के अनुसार चलेगा। इसमें अभी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का यदि प्रयास किया जाएगा तो बिल्डर्स के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।

               – रितु माहेश्वरी, वीसी, जीडीए

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source: नवभारत टाइम्स, गाजियाबाद.

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