नोटिफिकेशन के बाद भी दुकानें डी-सील करना मुश्किल

0

    शॉपिंग सेंटर में स्थित जिन 4,000 दुकानदारों की दुकानें सील की गई हैं, उन्हें राहत प्रस्ताव के नोटिफिकेशन और साउथ एमसीडी की गाइडलाइन के बाद भी राहत मिलना मुश्किल हो गया है। ऐसा इसलिए कि राहत प्रस्ताव पर नोटिफिकेशन के करीब 4 महीने बाद भी सील की गई दुकानों में से एक भी डी-सील नहीं की जा सकी हैं। आवास व शहरी विकास मंत्रालय के अफसरों के साथ मंगलवार को डीडीए, एमसीडी और दूसरे विभागों की मंगलवार को हुई मीटिंग में एमसीडी अफसरों ने यह कह कर मामला और भी उलझा दिया है कि उन्हें डीडीए के राहत प्रस्ताव पर सुप्रीम कोर्ट का स्टैंड स्पष्ट नहीं है कि नोटिफकेशन पर स्टे है या नहीं। यह स्पष्ट होन के बाद ही दुकानदारों को राहत प्रस्ताव का लाभ मिल सकता है।

       मीटिंग में शामिल साउथ एमसीडी के एक सीनियर अफसर के अनुसार, आवास और शहरी विकास मंत्रालय के अफसरों के साथ मंगलवार को लोकल शॉपिंग सेंटर में स्थित दुकानों को डी-सील करने को लेकर मीटिंग हुई थी। इस दौरान मंत्रालय के अफसरों ने कहा कि डीडीए ने दुकानदारों को राहत देने के लिए 21 व 29 जून को मास्टर प्लान-2021 में संशोधन कर राहत प्रस्ताव तैयार किया था। प्रस्ताव पर नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। अब आगे की कार्रवाई एमसीडी अफसरों को करानी है, तो इसमें देरी क्यों हो रही है? इस पर साउथ और नॉर्थ एमसीडी के अफसरों ने कहा कि दुकानों को डी-सील करने के लिए राहत प्रस्ताव पर आधारित ही साउथ एमसीडी ने गाइडलाइन भी बनाई है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट का स्टैंड स्पष्ट नहीं है कि नोटिफिकेशन पर अभी तक स्टे है या हटा लिया गया है। जबतक यह स्पष्ट नहीं होता, तबतक दुकानों के डी-सीलिंग का प्लान आगे बढ़ाना मुश्किल है।

     मीटिंग के दौरान एमसीडी अफसरों ने रिपोर्ट दी कि राहत प्रस्ताव पर नोटिफकेशन होने के 4 महीने बाद भी दुकानदार डी-सीलिंग कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। नॉर्थ, साउथ और ईस्ट एमसीडी एरिया में करीब 4,000 दुकानें सील की गई हैं। लेकिन अभी तक केवल 98 दुकानदारों ने ही डी-सीलिंग के लिए एमसीडी में आवेदन किया है।

Share :
Share :
source: नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली.

Leave A Reply

Share :