आम्रपाली के तीन डायरेक्टर हिरासत में, फ्लैट खरीदारों ने कहा- अब जल्दी शुरू हो प्रॉजेक्ट पर काम

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    ऑडिट एजेंसी को दस्तावेज उपलब्ध न कराने एवं कोर्ट और बायर्स के साथ आंखमिचौली का खेल खेलने के आरोप में आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर्स के खिलाफ कोर्ट की सख्त रवैये का बायर्स ने स्वागत किया है। इनके प्रॉजेक्ट में निवेश करने वालों का कहना है कि अब काम शुरू होना चाहिए। हर रोज सिर्फ धमकाने और सख्ती दिखाने से बायर्स को घर मिलने की उम्मीद तो बंध रही है, लेकिन इंतजार इतना लंबा होता जा रहा है कि अब बेचैनी बढ़ने लगी है। बायर्स की ओर से लड़ाई लड़ रहे लोगों का कहना है कि कोर्ट की सख्ती स्वागत योग्य है, लेकिन अब बायर्स काम शुरू होते देखना चाहते हैं।

    बायर्स के ग्रुप नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक का कहना है कि पिछले 6 महीने से आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर लगातार इसी तरह की आंखमिचौली खेल रहे हैं। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट कई बार धमका चुका है। यह कदम भी स्वागत योग्य है, लेकिन अब बायर्स यह चाहते हैं कि किसी भी तरह से अटके हुए प्रॉजेक्टों का काम शुरू होना चाहिए।

    उम्मीद यह है कि सुप्रीम कोर्ट एनबीसीसी के माध्यम से इनका काम शुरू कराए। जहां तक फंड का सवाल है तो उसमें अभी तक अपडेट के आधार पर ऐसा माना जा रहा है कि आम्रपाली की प्रॉपर्टी नीलाम करके फंड की व्यवस्था की जाएगी। यह बहुत ही टाइम लगने वाला काम है। होना यह चाहिए कि एनबीसीसी पहले कुछ फंड की व्यवस्था करके काम शुरू कर दे और फिर धीरे-धीरे प्रॉपर्टी नीलाम होती रहे और एनबीसीसी अपना पैसा निकालता रहे। बायर्स का कहना है कि पिछले 6 महीने से लगातार यही हो रहा है। आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर्स को धमकाने का काम लगातार हुआ है, लेकिन काम शुरू होने की बात बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है जबकि यह सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

नोएडा से बिहार तक रहा है जलवा

     सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुलिस हिरासत में पहुंचे बिल्डर अनिल शर्मा और उनके दोनों डायरेक्टर शिवप्रिय एवं अजय कुमार की लग्जरी लाइफ रही है। नोएडा से लेकर बिहार तक इनका जलवा रहा है। बायर्स का कहना है कि मांगी गई जानकारी कोर्ट को देने के बाद भले ही वह पुलिस हिरासत से छूट जाएं, लेकिन जानी-मानी हस्तियों के बीच रहने वाले व्यक्ति के लिए यह शर्मनाक है।

     आम्रपाली ग्रुप के विभिन्न प्रॉजेक्ट में पैसा लगाकर 42 हजार से अधिक बायर्स आर्थिक संकटों से गुजर रहे हैं। काफी ऐसे लोग हैं, जिनकी लाइफ स्टाइल इससे बदल गई। उन्होंने अपने कई शौक और सुविधाओं से समझौता करना पड़ रहा है। वहीं तमाम विवादों और किल्लतों के बावजूद आम्रपाली समूह के डायरेक्टरों की शाही जिंदगी पर असर नहीं पड़ा है। करीब दो साल पहले नोएडा में उनकी बेटी की शाही शादी हुई थी। उसमें तमाम राजनीतिक दिग्गजों से लेकर अन्य क्षेत्रों के दिग्गज शामिल हुए थे। साज-सज्जा पर ही करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। मेहमानों को महंगे गिफ्ट दिए गए थे।

     उससे पहले नोएडा के सेक्टर-62 में उन्होंने फिल्म के प्रीमियर पर अपने हजारों बायर्स को ही बुला लिया था। उनके कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस समय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी अपने करियर के पीक पर थे, तब उन्हें अनिल शर्मा ने अपनी कंपनी का ब्रैंड ऐंबेसडर बनाया था। राजनीति में भी उन्होंने हाथ दिखाए और बिहार में जेडीयू से लोकसभा का चुनाव तक लड़ा।

     बायर्स की संस्था नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार कहते हैं कि हिरासत तो हिरासत है। सबको पता है कि किसी को भी गलत काम की वजह से वहां जाना पड़ता है। हजारों लोगों को धोखा दिया है। यह कार्रवाई बेईमान बिल्डरों के लिए बड़ी सीख है। अनिल शर्मा का दबदबा इतना था कि सैंकड़ों एफआईआर दर्ज होने पर भी पुलिस और शासन उनके खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आम्रपाली की तमाम संपत्तियों को नीलाम कर लोगों के घर बनाए जाने चाहिए।

नोएडा पुलिस को आज मिल सकती है तीनों की कस्टडी

    आम्रपाली बिल्डर के तीन डायरेक्टरों को पुलिस कस्टडी में दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मंगलवार दोपहर बाद नोएडा पुलिस में खलबली मच गई। आनन-फानन में मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे एसपी सिटी सुधा सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को सुप्रीम कोर्ट भेजा गया। उनके साथ में सीओ फर्स्ट अवनीश कुमार एवं एसएचओ सेक्टर-39 अमित कुमार सिंह भी फोर्स के साथ थे। हालांकि, आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा समेत तीन डायरेक्टरों की नोएडा पुलिस को कस्टडी नहीं मिल पाई। अब दिल्ली पुलिस अपने एरिया में दस्तावेज जुटाने के बाद तीनों को नोएडा पुलिस को सौंपेगी। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस बुधवार को तीनों को नोएडा पुलिस के हवाले कर सकती है। पुलिस टीम को तीनों डायरेक्टरों को सबसे पहले सेक्टर-62 स्थित कंपनी के हेड ऑफिस लेकर आना था। हालांकि कंपनी के हेड ऑफिस पर इस आदेश के बाद कोई गहमागहमी नहीं दिखी।

मिठाई बांट मनाई खुशी

    आम्रपाली ग्रुप के तीनों डायरेक्टरों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हिरासत में लिए जाने की खुशी के बायर्स के संगठन नेफोमा के सदस्यों ने ग्रेनो वेस्ट में मंगलवार देर शाम मिठाई बांटी। गौर सिटी गोल चक्कर पर ये लोग एकत्र हुए और एक-दूसरे को एवं अन्य लोगों को मिठाई खिलाकर कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। संगठन के अध्यक्ष अन्नू खान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बायर्स के हितों की रक्षा करते हुए एक ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने बायर्स के दर्द को समझा है। अब बायर्स को घर की उम्मीद जगी है। इस मौके पर रश्मि पांडेय, उपकार सिंह, आसिम खान, आदित्य अवस्थी और राशिद सिद्दीकी मौजूद रहे।

घर खरीदारों का दर्द

    पिछले दिनों दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान नोएडा हजारों बायर्स ने अपना दर्द बयां किया था। कई साल से पीड़ित बायर्स इसी उम्मीद में है कि एक न एक दिन घर मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से विश्वास और बढ़ा है और इंतजार करने की हिम्मत भी। -रश्मि पांडे

    हम लोग 8 साल से अपना घर लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और आम्रपाली के डायरेक्टर्स को इस तकलीफ का अहसास तक नहीं है। कोर्ट के इस सख्त रवैये से इन्हें थोड़ा अहसास होगा। हम चाहते हैं कि इसी सख्त रवैये को बरकरार रखते हुए कोर्ट अधूरे प्रॉजेक्टों का काम जल्द से जल्द शुरू करा दे। -के.के. कौशल

    मैंने कर्ज लेकर 2010 में आम्रपाली के ड्रीम वैली प्रॉजेक्ट में एक विला बुक कराया था और आज तक इसके पजेशन के लिए धक्के खा रहा हूं। डायरेक्टरों के पुलिस हिरासत में आने से आज मुझे मानसिक रूप से सुकून मिला है। असली सुकून तब मिलेगा जब काम आगे बढ़ते देखूंगा। -आसिम खान

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source: नवभारत टाइम्स, नॉएडा.

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