अवैध कॉलोनी को रेगुलराइज करने पर फंस गए अफसर

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    किलोकरी गांव का हिस्सा तैमूर नगर कॉलोनी मॉनिटरिंग कमिटी के निशाने पर आने के बाद साउथ एमसीडी अफसरों के लिए गले की फांस बन गया है। यह कॉलोनी डीडीए के उस जमीन पर अवैध रूप से डिवेलप किया गया, जिसे यमुना डिवेलपमेंट प्लान के तहत अधिग्रहण किया गया था। इतना ही नहीं, अवैध कॉलोनी को एमसीडी ने अनअथॉराइज्ड रेगूलराइज (यूआर) कॉलोनी का दर्जा दे दिया और यहां बने कई मकानो का नक्शा भी पास कर दिया। अब, जब कमिटी इस कॉलोनी में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने का दिया है, तो साउथ एमसीडी अफसर कॉलोनी का मौजूदा स्टेटस का हवाला देकर बचने की कोशिश कर रहे हैं।

     यमुना डिवलपमेंट प्लान की जमीन पर अवैध कॉलोनी : दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ अब तक की कार्रवाईयों को लेकर डीडीए ने 11 अक्टूबर को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) अफसरों ने एमसीडी और दूसरे विभागों की मीटिंग बुलाई थी। इस दौरान किलोकरी गांव का हिस्सा तैमूर नगर कॉलोनी में अवैध निर्माणों के बारे में चर्चा की गई है। एसटीएफ के सीनियर अफसरों ने मीटिंग में मौजूद साउथ एमसीडी अफसरों से मॉनिटरिंग कमिटी के उस आदेश से अवगत कराया, जिसमें कमिटी ने इस कॉलोनी में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। कमिटी ने कॉलोनी के स्टेटस के बारे में यह भी बताया था कि तैमूर नगर जिस जगह बसा है, वह जमीन डीडीए ने यमुना डिवेलपमेंट प्लान के तहत किलोकरी गांव के लोगों से अधिग्रहण किया था। लेकिन, लंबे समय तक प्लान पर काम शुरू न होने के कारण इस जमीन पर अवैध निर्माण हो गए।

      अवैध कॉलोनी को किया नियमित : मीटिंग में मौजूद अफसरों ने एसटीएफ के चेयरमैन को बताया कि अब यह कॉलोनी नियमित कर दी गई है। कॉलोनी को अनअथॉराइज्ड रेगूलराइज (यूआर) कॉलोनी का दर्जा दिया गया है। इतना ही नहीं, इस कॉलोनी में कई ऐसे मकान हैं, जिसका एमसीडी ने नक्शा भी पास कर दिया है। ऐसे में उन मकानों के खिलाफ कार्रवाई करना संभव नहीं है। एमसीडी अफसरों के जवाब पर डीडीए अफसरों ने कहा कि यह बात एमसीडी अफसर लिखित में दें कि मॉनिटरिंग कमिटी को ताजा स्थिति से अवगत कराया जा सके। लेकिन, एमसीडी अफसर अपने ही बुने जाल में फंसता देख, कॉलोनी का स्टेटस लिखित में देने को तैयार नहीं हैं।

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source: नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली.

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