होम लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं? इन 5 बातों का ध्यान रखें

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     होम लोन, सबसे बड़े सहयोगियों में से एक है जो पहली बार घर खरीदने वाले लोगों को आसान शर्तों के साथ-साथ लंबी भुगतान अवधि के साथ एक घर खरीदने में मदद करता है। जब आप होम लोन के लिए आवेदन करते हैं तो बैंक सबसे पहले आपकी योग्यता की जांच करता है। यदि आप उसके योग्यता मापदंड को पूरा करते हैं तभी आपका लोन आवेदन अगले चरण में पहुंच पाता है।

    कुछ लोगों के मन में गलत धारणा है कि यदि उनका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो वे अपने आप होम लोन पाने के योग्य बन जाते हैं लेकिन असल में, क्रेडिट स्कोर, होम लोन का आवेदन स्वीकार करने से पहले बैंकों द्वारा जांची जाने वाले कई महत्वपूर्ण मापदंडों में से एक है, न कि एकमात्र मापदंड। लोन आवेदकों को असल में परेशानी तब होती है जब उनकी योग्यता, बैंक के मानदंडों के सामने कम पड़ जाती है।

      इस लेख में हम 5 महत्वपूर्ण उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपका पहला घर खरीदने के लिए आपकी होम लोन संबंधी योग्यता को बेहतर बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं।

अपनी आमदनी और ऋण अदायगी अवधि पर विचार करें

       आपकी ऋण चुकाने की क्षमता की जांच करते समय, बैंक आपकी मासिक आमदनी पर गौर करते हैं और यह समझने की कोशिश करते हैं कि आपकी आमदनी, ऋण अवधि के दौरान ऋण चुकाने के लिए पर्याप्त है या नहीं। मान लीजिए, यदि सभी दायित्वों को पूरा करने के बाद आपकी शुद्ध आय, ऋण की प्रत्याशित ईएमआई से कम है तो बैंक आपको ऋण देने से परहेज कर सकते हैं। अवधि को बढ़ाकर ईएमआई दायित्व को कम किया जा सकता है। आइए नीचे दिए गए टेबल की मदद से इसे समझने की कोशिश करते हैं:

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       टेबल में दिखाए गए आंकड़ों के अनुसार, दी गई स्थिति में, यदि अवधि को 15 साल से बढ़ाकर 25 साल कर दिया जाता है तो ईएमआई दायित्व 5385 रुपये कम हो जाता है। इस तरह आप अवधि में बदलाव करके बैंक के योग्यता मानदंडों को आसानी से पूरा कर सकते हैं। यदि भविष्य में आपकी आमदनी बढ़ जाती है तो आप ईएमआई की रकम बढ़ाकर लोन को जल्दी से चुका सकते हैं। आम तौर पर लोन प्री-क्लोजर के लिए कोई जुर्माना नहीं लगता है।

मौजूदा कर्ज को खत्म करने की कोशिश करें

    आपकी ऋण अदायगी क्षमता की जांच करते समय बैंक आपकी शुद्ध आय में से आपके मौजूदा ईएमआई दायित्व को घटा देते हैं। मान लीजिए, आपकी शुद्ध आय 50,000 रुपये और आपके मौजूदा लोन पर आपका ईएमआई दायित्व 15,000 रुपये है। इस परिस्थिति में बैंक आपकी ऋण अदायगी क्षमता को सिर्फ 35,000 रुपये (50,000 रुपये माइनस 15,000 रुपये) मानेगा। यदि आपके मौजूदा लोन की शेष अवधि 1 साल या कुछ महीने हो तब भी यह आपके लोन की योग्यता पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, होम लोन जैसा कोई बड़ा कर्ज लेने से पहले अपने सभी मौजूदा लोन को ख़त्म करने की कोशिश करें ताकि आप बैंक के मानदंडों के अनुसार योग्यता मानदंडों को आसानी से पूरा कर सके। बैंक को यह दिखाना हमेशा बेहतर होता है कि आप आवश्यक ईएमआई की तुलना में लोन चुकाने में ज्यादा सक्षम हैं।

एक सह-उधारकर्ता के साथ लोन के लिए आवेदन करें

    यह एक ऐसा तरीका है जिसमें आपके लोन को अस्वीकार होने से बचाने की सम्भावना होती है। आपके सह-उधारकर्ता के साथ आपकी संयुक्त आय, आपको एक लोन देने के लिए एक बैंक द्वारा आवश्यक आय अंतराल को पूरा कर सकती है। एक सह-उधारकर्ता आपका पति/पत्नी या कोई अन्य व्यक्ति हो सकता है। बैंक, लोन योग्यता का आकलन करने के लिए दोनों आवेदकों की संयुक्त क्षमता पर गौर करेगा और इस तरह आप आसानी से लोन पाने के योग्य साबित हो जाएंगे।

स्टेप अप लोन पर विचार करें

   कुछ बैंक, स्टेप अप लोन की सुविधा प्रदान करते हैं। इसे खास तौर पर उन उधारकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है जिनकी आमदनी निकट भविष्य में बढ़ने की उम्मीद होती है, लेकिन जो वर्तमान में बहुत ज्यादा ईएमआई चुकाने में सक्षम नहीं हैं। इस लोन के तहत, उधारकर्ता को शुरू-शुरू में कुछ साल तक कम ईएमआई देने और उसके बाद यह मानते हुए ईएमआई बढ़ाने के लिए कहा जाता है कि उधारकर्ता की आमदनी ऐसी अवधि के बाद बढ़ गई होगी।

एक अतिरिक्त आय स्रोत को शामिल करने की कोशिश करें

    यदि आपकी आमदनी, लोन की योग्यता की दृष्टि से कम पड़ रही है तो बैंक के आय योग्यता मापदंड को पूरा करने के लिए आप अपनी आमदनी में एक और आय स्रोत को शामिल कर सकते हैं जैसे किराए से होने वाली आमदनी या फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज या नियोक्ता से मिलने वाला बोनस। आप आय स्तर को बढ़ाने के लिए फ्रीलांस कार्य से होने वाली आमदनी को भी शामिल कर सकते हैं।

    ऊपर बताए गए उपायों के अलावा, यदि आप पहली बार घर खरीद रहे हैं तो आप भारत सरकार की पीएमएवाई योजना के तहत सब्सिडी पाने के योग्य भी हैं। ऐसी योजनाओं के तहत, आपको लगभग 2.3 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है जिसे सीधे आपके लोन अकाउंट में डाल दिया जाएगा और आपकी योग्यता उस हद तक बढ़ जाएगी। आपको कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातों का भी ध्यान रखना चाहिए जैसे अपने सिबिल स्कोर को ऊंचे स्तर पर रखें। डाउन पेमेंट करने लायक रकम का इंतजाम करके रखें और अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार ही घर का चयन करें।

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source: नवभारत टाइम्स.

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