जॉइंट होम लोन से मिलेगा बड़ा घर

0

msid-49689292,width-300,resizemode-4,Home

एक सुंदर घर का सपना हर कोई देखता है लेकिन इस सपने को सच करने के लिए उसे त्याग और मुश्किल हालात का सामना करना पड़ता है। किसी भी मध्यम वर्गीय परिवार के लिए इस सपने को पूरा करने में बैंक से मिलने वाला होम लोन एक अहम रोल अदा करता है। सच तो यह है कि होम लोन मौजूदा समय में रिटेल बैंकिंग का सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रॉडक्ट है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यदि आप टैक्स की सेविंग और बैंक से ज्यादा मदद चाहते हैं, तो जॉइंट होम लोन आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। एक्सपर्ट्स की मदद से जॉइंट होम लोन बारे में विस्तार से बता रहे हैं शंभू नाथ:

कौन हो सकता है को-बॉरोअर ऐसी भी बात नहीं है कि आप किसी के भी साथ मिलकर जॉइंट होम लोन ले सकते हैं। जॉइंट होम लोन कोई अपनी पत्नी, माता-पिता, पुत्र या फिर अपने भाई के साथ मिलकर ले सकते हैं। अब ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि आप अपनी पत्नी के साथ जॉइंट होम लोन लेते हैं तो पत्नी का आपकी संपत्ती में को-ऑनर होना जरूरी नहीं है। वहीं यदि आप अपने माता-पिता, भाई यानी अपने रक्त संबंधों वाले के साथ होम लोन लेते हैं तो ये जरूरी है कि आपकी संपत्ती में वे भी हिस्सेदार हों।

भाई-बहन को नहीं जॉइंट होम लोन यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि आप भाई के साथ मिल कर तो जॉइंट होम लोन ले सकते हैं। लेकिन बहन के साथ मिल कर जॉइंट होम लोन के लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बहन लोन के लिए सह-आवेदक तो बन सकती है, लेकिन इन्हें जॉइंट होम लोन नहीं मिल सकता है। इसका सबसे बड़ा कारण है विवाह के बाद उनकी पारिवारिक स्थिति का बदल जाना। न केवल बहन के साथ बल्कि, आप अपने दोस्त और अपने लिव इन पार्टनर के साथ भी मिलकर जॉइंट होम लोन के लिए योग्य नहीं हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आप इन लोगों के साथ किसी संपत्ति में हिस्सेदार तो हो सकते हैं, लेकिन इन लोगों के साथ आप जॉइंट होम लोन नहीं ले सकते हैं।

टैक्स में मिलेगी छूट टैक्स लाभ के हिसाब से देखें तो यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। जॉइंट होम लोन लेने वाले को इनकम टैक्स ऐक्ट सेक्शन-24 और सेक्शन-80सी के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। सेक्शन-24 के तहत होम लोन पर लगने वाले ब्याज पर 2 लाख ” तक का लाभ लिया जा सकता है। साथ ही 2 लाख रुपये तक या वास्तविक ब्याज दोनों में जो कम हो पेअबल होता है। वहीं सेक्शन 80-सी के तहत प्रिंसिपल अमाउंट पर 1.5 लाख रूपये तक की छूट पाई जा सकती है। यदि आपने यह लोन अपनी पत्नी के साथ मिलकर लिया है तो दोनों टैक्स में छूट पाने के हकदार हैं।

क्या है रीपेमेंट प्रॉसेस इसका रीपेमेंट ऑप्शन अन्य लोन की ही तरह है। इसके लिए कोई अलग प्रॉसेस लागू नहीं होता। इसका भुगतान चेक से भी किया जा सकता है। इसका रीपेमेंट सिंगल या जॉइंट दोनों अकाउंट द्वारा भी किया जा सकता है। लोन की रकम में हो जाता है इजाफा जॉइँट होम लोन का बड़ा फायदा है लोन की राशि में इजाफा। जॉइंट होम लोन में लोन की एलिजिबिटी 5-15 लाख तक बढ़ जाती है।

नो योर क्लाइंट डॉक्युमेंट :

ज्वाइंट होम लोन के लिए अलग से कुछ डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं होती है मुख्य रूप से वही सारे डॉक्युमेंट्स की जरूरत इसमें भी होती है जो एक सामान्य लोन में देना होता है। इसे हम नो योर क्लाइंट डॉक्युमेंट भी कह सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से

आइडेन्टिटी प्रूफ :

पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आइडी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, अड्रेस प्रूफ, राशन कार्ड, आधार कार्ड, इलेक्ट्रिसिटी बिल, टेलिफोन बिल, गैस कनेक्शन डॉक्युमेंट, पासपोर्ट, इनकम डॉक्युमेंट- इनकम प्रूफ, बैंक स्टेटमेंट, इनकम टैक्स रिटर्न और प्रॉपर्टी के को-ऑनरशिप डॉक्युमेंट शामिल होते हैं।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा जॉइंट होम लोन सरकार की योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में भी एक अहम रोल अदा कर रहा है। इससे किसी महिला का प्रॉपर्टी में नाम हो या न हो जॉइंट लोन इश्यू होते ही वह उस प्रॉपर्टी की हिस्सेदार हो जाती है।

क्या है नुकसान जॉइंट होम लोन के कुछ नुकसान भी हैं। यदि अपने भाई या किसी और संबंधी के साथ मिलकर होम लोन लिया है और बाद में वह लोन रीपे करने से मना कर दे या लोन डिफॉल्ट हो जाय तो आप परेशानी में फंस सकते हैं ।

Share :
Share :

About Author

Leave A Reply

Share :