किश्‍त पर जमीन खरीदते समय इन बातों का ध्यान

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Land, Plot

    आजकल सब कुछ किश्‍त पर मिल जाता है। यहां तक कि आपको किश्‍त में जमीन बेचने वाले लोग भी मिल जाएंगे। वो भी बेहद कम किश्‍त पर। जैसे कि आपने जगह-जगह विज्ञापनों में केवल 2 से 3000 रुपए महीना किश्‍त पर जमीन का ऑफर पढ़ा होगा। इतनी कम किश्‍त पर घर या दुकान के लिए जमीन खरीदना कौन नहीं चाहेगा। संभव है कि आप भी इस ऑफर को देखकर जमीन लेने की सोचने लगें। लेकिन किश्‍त में जमीन खरीदते वक्‍त यदि आपने सावधानी नहीं बरती तो आप धोखा भी खा सकते हैं और आप अपने पैसे गंवा भी सकते हैं।

     ऐसे में जरूरी है कि आप कुछ ऐसी बातें समझ लें, जिससे आप को धोखा न हो और आप किश्‍त देने के बाद जमीन को अपने नाम कराकर घर भी बना सकें। वर्ना, न तो जमीन ही आपको मिले और ना ही पैसा।

सबसे पहले पता करें यह बात

    जब भी आप किश्‍त में जमीन लेना चाहें तो जिस व्‍यक्ति से जमीन ले रहे हैं, यह अवश्‍य देख लें कि जमीन किसके नाम है। दरअसल, इस तरह के कई मामले सामने आए हैं, जिसमें प्रॉपर्टी डीलर जमीन का छोटा हिस्‍सा ही खरीदते हैं और उसके आसपास की जमीन को अपनी बता कर बेचने लगते हैं। ऐसे में, आपको सबसे पहले यह पता करना चाहिए कि जिस जमीन की बात डीलर कर रहा है,उसका खसरा नंबर क्‍या है और राजस्‍व विभाग में यह पता कर लें कि उस खसरा नंबर का मालिक कौन है। इतना ही नहीं, कई राज्‍यों, जिनमें उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा जैसे राज्‍य शामिल हैं। इन राज्‍यों में लैंड रिकॉर्ड ऑनलाइन देखा जा सकता है। आप भी ऑनलाइन पता कर सकते हैं कि जमीन किसके नाम पर है, यदि वह प्रॉपर्टी डीलर के नाम पर नहीं है तो आप ऐसी जमीन न लें, क्‍योंकि बाद में इस जमीन को अपने नाम कराने में आपको बहुत दिक्‍कत होगी।

यह दूसरी बात पता कर लें

    कई डीलर या जमीन के मालिक आप जमीन बैंकों में गिरवी रखकर लोन ले लेते हैं और बिना बैंक को बताए कि जमीन आपको किश्‍तों में बेच देते हैं। दरअसल, डीलर की कोशिश होती है कि आपसे ली गई रकम को बैंक में जमा कराकर जमीन छुड़वा लें, लेकिन ऐसा करके डीलर अवैध काम कर रहा है और आपको भी धोखा दे रहा है। ऐसे में यदि आपको प्‍लॉट संख्‍या खसरा नंबर पता है तो आप सरकार की लैंड रिकॉर्ड वाली वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं। इसमें आपको यह भी पता चल जाएगा कि इस जमीन पर किसी ने कर्ज तो नहीं लिया है।

यहां न खरीदें जमीन

   जो जमीन किश्‍तों पर देने का ऑफर आपको मिल रहा है, अगर वह जमीन खेती की है और लालडोरा के बाहर है तो जमीन न खरीदें। खासकर रहने या दुकान बनाने के लिए तो कतई नहीं। हां, खेती करना चाहते हैं तो जमीन खरीदने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि उसके लिए भी जमीन का मालिकाना हक सहित एग्रीकल्‍चर लैंड यूज जैसी सतर्कता तो बरतनी ही होगी। लालडोरा के अंदर जगह है तो जमीन खरीदने के बारे में सोच सकते हैं।

घर के लिए जमीन खरीद रहे हैं तो

    आप सस्‍ती जमीन या घर खरीदना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले यह पूछना चाहिए कि जमीन रूरल एरिया में है या अर्बन एरिया में। अगर अर्बन एरिया में भी है तो सवाल करें कि जमीन आर-जोन में आती है। आर जोन का मतलब रेजीडेंशियल एरिया। यानी वहां घर बनाने की इजाजत है या नहीं। अगर आप दुकान के लिए जमीन लेना चाहते हैं तो पता कर लें कि कॉमर्शियल लैंड यूज है या नहीं। कई शहरों में मिक्‍स लैंड यूज के तहत रेजीडेंशियल एरिया में कॉ‍मर्शियल एक्टिविटी की जा सकती है। यदि यह दोनों नहीं हैं तो इसका मतलब वह अनॉथराइज्‍ड एरिया है। हो सकता है कि वह खेती की जमीन हो और प्रॉपर्टी डीलर वहां कालोनी बसा रहे हैं। यदि आप ऐसी जगह जमीन खरीदते हैं तो आपको आगे नुकसान हो सकता है, क्‍योंकि सरकार वहां आप घर नहीं बनाने देगी। यदि आप अवैध तरीके से घर बना भी देते हैं तो आपको जनसुविधाएं जैसे बिजली-पानी जैसी सुविधा नहीं मिलेगी।

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source: मनी भास्कर.

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